पूज्य आचार्यदेव श्रीमद् रत्नसेनसूरीश्वरजी म.सा. – Visited Shrutbhavan

दि.४ जनवरी २०१७ के दिन पूज्य आचार्यदेव श्रीमद् रत्नसेनसूरीश्वरजी म.सा.का श्रुतभवन में पदार्पण हुआ। पूज्यश्री अच्छे व्याख्यानकार एवं २०० के अधिक हिंदी पुस्तकों के सर्जक है। यहां की प्रवृत्ति देखकर उन्होंने उद्गार व्यक्त किये कि – जैसे कलिकाल सर्वज्ञ आ.श्री हेमचंद्र सू.म.ने पाटण में रहकर व्याकरण-साहित्य-कोश के ग्रंथो का नवसर्जन किया। उसी तरह यहां प्राचीन ग्रंथो का जीर्णोद्धार कार्य चल रहा है। इस कार्य के लिये पूज्य गुरुदेव को बहोत बहोत बधाई दी।

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